आज का वचन

अच्छी आदतें मन को उज्ज्वल करती हैं

2026 . 03 . 17

पुरानी आदतें आसानी से नहीं बदलतीं। लंबे समय से जमा आदतें अँधेरे कमरे की धूल जैसी होती हैं। यदि उन्हें थोड़ा-थोड़ा साफ न किया जाए, तो वे मन के प्रकाश को ढक लेती हैं।

बुद्ध-नाम स्मरण, प्रार्थना, सूत्र-पाठ और परिश्रमी अभ्यास ऐसी अच्छी आदतें हैं जो मन को एकत्र करती और उज्ज्वल बनाती हैं। ये हमें एक ही बार में पूरी तरह नहीं बदलतीं, पर स्थिर दोहराव से अँधेरा थोड़ा-थोड़ा पीछे हटता है।

अभ्यास हमेशा किसी बड़ी बात से शुरू होना आवश्यक नहीं। प्रतिदिन थोड़े समय के लिए मन की ओर लौटना, छोटा जप करना, या सजगता से छोटा शुभ कर्म करना भी मन के कमरे में जलता दीपक है।

आज छोटी-सी साधना भी निरंतर जारी रखें और मन को स्वच्छ करें।

अभ्यास की अच्छी आदतें अँधेरे मन को उज्ज्वल करती हैं।

पुरानी आदतें आसानी से नहीं बदलतीं। बुद्ध-नाम स्मरण, प्रार्थना, सूत्र-पाठ और परिश्रमी अभ्यास मन को एकत्र और उज्ज्वल करने वाली अच्छी आदतें हैं। आज छोटी साधना भी स्थिरता से जारी रखें और मन को स्पष्ट करें।

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अच्छी आदतें मन को उज्ज्वल बनाती हैं
अच्छी आदतें मन को उज्ज्वल करती हैं कार्टून
अँधेरे कमरे में पुरानी आदतें धूल की तरह जमा हो गई हैं।
गुरु रोज उसी स्थान पर जलता छोटा जप-दीप दिखाते हैं।
दीपक एक बार में कमरा नहीं बदलता है, लेकिन हर दिन यह थोड़ा अंधेरा पीछे धकेल देता है।
साधक मन को एकत्र करते हुए छोटी प्रार्थना और सूत्र-पाठ जारी रखता है।
कमरे में उज्ज्वल आदतों का एक रास्ता दिखाई देता है, और चेहरा साफ़ हो जाता है।