आज का वचन
सजगता दुख के कारण को प्रकाशित करती है
2025 . 10 . 19
सजगता मन के भीतर घट रही बातों को सूक्ष्मता से देखने की शक्ति है।
दुख के पीछे अक्सर कोई कारण होता है: चिंता, इच्छा, क्रोध या पुरानी आदतें। यदि कारण नहीं दिखता, तो वही दुख बार-बार लौटता है।
जब हम मन में अवलोकन का दीपक जलाते हैं, तो धीरे-धीरे दिखता है कि हम क्या पकड़े हुए हैं। कभी-कभी वही पकड़ मन को भारी बना रही होती है।
कारण दिखने पर छोड़ना संभव होता है। यह जबरदस्ती नहीं, बल्कि स्पष्ट देखना है कि अब इसे पकड़े रहना आवश्यक नहीं।
आज मन में अवलोकन का दीपक जलाएँ, देखें कि क्या पकड़े हुए हैं, और दुख के कारण को कोमलता से छोड़ दें।
जब दुख का कारण दिखता है, तब पकड़ी हुई आदतों को छोड़ा जा सकता है।
सजगता मन में हो रही बातों को सूक्ष्मता से देखने की शक्ति है। दुख के पीछे अक्सर चिंता, इच्छा, क्रोध या पुरानी आदतें होती हैं। कारण न दिखे तो दुख दोहराता है। आज मन का दीपक जलाकर दुख के कारण को छोड़ें।
कार्टून कोरियाई मूल में दिखाया गया है